रायपुर। राजधानी रायपुर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और देर रात तक होने वाले शोर-शराबे पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 12 से अधिक मॉडिफाइड डीजे वाहनों को जब्त कर लिया है। प्रशासन ने दो टूक स्पष्ट कर दिया है कि रात 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में डीजे या लाउडस्पीकर का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नियमों की उड़ी धज्जियां, तो चला 'प्रशासनिक डंडा'
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर और एसपी के निर्देश पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि कई डीजे संचालक निर्धारित डेसिबल (dB) की सीमा का उल्लंघन कर रहे थे और उनके वाहनों में अवैध रूप से बड़े साउंड बॉक्स और लाइटें फिट की गई थीं (मॉडिफाइड)।
जब्ती और भारी जुर्माने की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि जिन डीजे वाहनों को जब्त किया गया है, वे सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी (NGT) के गाइडलाइन्स का उल्लंघन कर रहे थे।
जब्ती: 12 से ज्यादा बड़े मॉडिफाइड डीजे पिकअप और वाहन।
समय सीमा: रात 10 बजे के बाद किसी भी आयोजन में ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध।
बड़े जुर्माने: संचालकों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
बुजुर्गों और विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत
देर रात तक बजने वाले डीजे से सबसे ज्यादा परेशानी अस्पताल के मरीजों, बुजुर्गों और वर्तमान में परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को हो रही थी। प्रशासन की इस सख्ती का आम जनता ने स्वागत किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में रात 10 बजे के बाद शोर होता है, तो वे तत्काल डायल 112 या स्थानीय थाने में सूचना दें।








