छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले कुछ समय से कार का कांच तोड़कर और लोगों का ध्यान भटकाकर पैसे उड़ाने वाले गैंग ने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। रायपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (त्रिची) के कुख्यात 'रामजी नगर गिरोह' का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के 6 शातिर सदस्यों को धर दबोचा है, जो देशभर के विभिन्न राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देते थे।
वारदात का अनूठा और शातिर तरीका
रामजी नगर गिरोह के चोरी करने का तरीका बेहद प्रोफेशनल और चौंकाने वाला है। ये आरोपी अक्सर बैंकों के बाहर या भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति कार में बड़ी रकम लेकर बैठता, गिरोह के सदस्य 'खुजली पाउडर' डालकर, नोट गिराकर या कार का टायर पंचर होने का बहाना बनाकर चालक का ध्यान भटकाते थे। पलक झपकते ही ये कार का कांच तोड़कर रुपयों से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। रायपुर में भी इन्होंने इसी तर्ज पर लाखों की चोरी की थी।
CCTV और मोबाइल लोकेशन से बिछाया जाल
रायपुर पुलिस की विशेष टीम और साइबर सेल ने शहर के सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को आरोपियों के हुलिए और उनके भागने के रास्तों के सुराग मिले। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों को लोकेट किया और घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चोरी की गई बड़ी रकम, मोबाइल फोन और वारदातों में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए गए हैं।
देशभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क
पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह तमिलनाडु के त्रिची से संचालित होता है और इसके सदस्य अलग-अलग गुटों में बंटकर पूरे भारत में घूम-घूम कर वारदातों को अंजाम देते हैं। रायपुर एसएसपी ने बताया कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के कई चोरी के मामलों के सुलझने की उम्मीद है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और चोरी किए गए पैसों के निवेश की जांच कर रही है।








