रायपुर। राजधानी रायपुर के मौदहापारा संडे बाजार को सुव्यवस्थित करने और यातायात के दबाव को कम करने के लिए महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कड़ा रुख अपनाया है। महापौर ने नगर निवेश विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संडे बाजार में दुकान लगाने वाले प्रत्येक फेरीवाले और दुकानदार को अपना पहचान पत्र (ID Card) नगर निगम में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार में स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देना और सुरक्षा के साथ-साथ सुगम यातायात सुनिश्चित करना है।
महापौर कक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महापौर ने निर्देशित किया कि संडे बाजार में केवल स्थानीय निवासियों को ही व्यवसाय की अनुमति दी जाए और बाहर से आने वाले व्यवसायियों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी पूर्व में निर्धारित 'व्हाइट लाइन' की सीमा के भीतर ही बैठकर अपना व्यापार करें। बाजार के अस्त-व्यस्त होने से रोकने के लिए इसके समय और कार्यक्षेत्र का दायरा भी सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गेंट्री गेटों पर भी सख्ती: स्पष्ट दिखनी चाहिए दिशा-सूचक जानकारी
संडे बाजार के अलावा महापौर ने शहर में लगे सभी गेंट्री गेटों (Gantry Gates) के अनुबंधों की समीक्षा की। उन्होंने हिदायत दी कि गेंट्री गेट के दोनों ओर दिशा-सूचक जानकारी नागरिकों को स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को अनुबंध की शर्तों का कड़ाई से पालन कराने और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नागरिकों को आवाजाही में भ्रम न हो।
महापौर की मंशा के अनुरूप, नगर निगम के अध्यक्ष (नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा) श्री मनोज वर्मा कल 18 फरवरी को मौदहापारा पुलिस, यातायात पुलिस और बाजार विभाग के अधिकारियों के साथ व्यापारियों की संयुक्त बैठक लेंगे। इस बैठक में व्यापारियों को नए नियमों और सुरक्षा मानकों से अवगत कराकर उनकी सहमति ली जाएगी। बैठक में नगर निवेशक आभास मिश्रा, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह सहित अन्य वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी उपस्थित थे।








