ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 15 यहूदियों की हत्या के सनसनीखेज मामले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले के मुख्य आरोपी साजिद का संबंध भारत के हैदराबाद शहर से पाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, साजिद वर्षों पहले भारत छोड़कर विदेश चला गया था, लेकिन उसके हालिया कृत्यों और कट्टरपंथी झुकाव ने सुरक्षा एजेंसियों और उसके मूल निवास स्थान पर रहने वाले लोगों को चौकन्ना कर दिया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रेम विवाह
हैदराबाद में साजिद के शुरुआती जीवन की पड़ताल करने पर पता चला कि उसने एक ईसाई महिला से प्रेम विवाह किया था। इस अंतर्धार्मिक विवाह के कारण उसके परिवार में काफी विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि शादी के बाद साजिद ने अपने परिवार से दूरी बना ली थी और धीरे-धीरे अपने सगे-संबंधियों से संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया था।
कट्टरपंथ की ओर झुकाव
साजिद के परिवार और परिचितों के अनुसार, विदेश जाने के बाद उसके व्यवहार में भारी बदलाव आया था। वह धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव में आने लगा। उसके बेटे के बयानों ने इस बात की पुष्टि की है, जिसमें उसने कथित तौर पर कहा कि "अल्लाह का कानून दुनिया के किसी भी मानवीय कानून से ऊपर है।" यह कट्टरपंथी सोच ही सिडनी में हुए भयावह हमले की मुख्य वजह मानी जा रही है।
स्थानीय पुलिस और जांच
इस खबर के सामने आने के बाद हैदराबाद की स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। साजिद के पुराने ठिकानों, उसके दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या भारत में रहने के दौरान भी उसके कोई संदिग्ध संपर्क थे। जांच का केंद्र यह भी है कि उसे कट्टरपंथ की ओर धकेलने में किन तत्वों का हाथ था।
वैश्विक चिंता और सुरक्षा
सिडनी की इस घटना ने एक बार फिर लोन-वुल्फ अटैक्स और सीमा पार कट्टरपंथ के खतरे को उजागर कर दिया है। साजिद जैसे व्यक्तियों का इस तरह से ब्रेनवॉश होना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है। फिलहाल, ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर साजिद के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








