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सरकारी अमले पर हमले से पुलिस महकमे में हड़कंप; रेत माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए शहर भर में नाकेबंदी, केस दर्ज

Chhattisgarh RRT News Desk 23 June 2026

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Surguja Sand Mafia Attack (सरगुजा रेत माफिया हमला): छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर से कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाली बड़ी वारदात सामने आई है। सरगुजा अंचल में अवैध खनन और परिवहन में लिप्त रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें अब न तो खाकी का खौफ रह गया है और न ही कानून का डर। राजधानी रायपुर से विशेष जांच के लिए आई खनिज विभाग की फ्लाइंग स्क्वायड (उड़नदस्ता) टीम द्वारा पकड़ी गई अवैध रेत से लदी एक टीपर गाड़ी को जब कलेक्टोरेट परिसर ले जाया जा रहा था, तभी शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख गांधी चौक (Gandhi Chowk) पर रेत माफियाओं के गुर्गों ने सरेराह गुंडागर्दी की। माफियाओं ने खनिज विभाग के आरक्षक को बीच रास्ते में रोककर उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की और शासकीय कार्य में गंभीर बाधा डालते हुए भारी सुरक्षा के बीच से जब्त की गई रेत से भरी टीपर को जबरन छुड़ाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। अंबिकापुर के वीआईपी इलाके और कलेक्टोरेट से चंद कदमों की दूरी पर हुई इस दुस्साहसिक वारदात से स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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सरगुजा और अंबिकापुर के स्थानीय सूत्रों से मिली विस्तृत और ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट के अनुसार, खनिज विभाग के रायपुर मुख्यालय को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि सरगुजा जिले की विभिन्न नदियों और घाटों से बिना वैध रॉयल्टी और पास के बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय अमले की कथित सुस्ती को देखते हुए रायपुर से फ्लाइंग स्क्वायड की एक विशेष और गोपनीय टीम को कार्रवाई के लिए सरगुजा रवाना किया गया था। इस उड़नदस्ते ने अंबिकापुर के बाहरी इलाके में घेराबंदी कर रेत से भरी एक संदिग्ध टीपर गाड़ी को पकड़ा। आवश्यक दस्तावेज और रॉयल्टी पर्ची न होने के कारण टीम ने वाहन को विधिवत जब्त कर लिया। इसके बाद, खनिज विभाग के एक आरक्षक (कॉन्स्टेबल) को उस जब्त टीपर में बैठाकर आगामी दंडात्मक कार्रवाई और जब्ती की औपचारिकता पूरी करने के लिए जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर भेजा गया।

टीपर जैसे ही शहर के बीचों-बीच स्थित गांधी चौक के पास पहुंची, तभी पीछे से स्कार्पियो और अन्य वाहनों में सवार होकर आए रेत माफिया के आधा दर्जन से अधिक रसूखदार गुर्गों ने टीपर के आगे अपनी गाड़ियां अड़ाकर उसे जबरन रोक लिया। वाहन रुकते ही इन बदमाशों ने टीपर के केबिन में घुसकर खनिज विभाग के आरक्षक को कॉलर पकड़कर नीचे घसीटा और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए ताबड़तोड़ मारपीट शुरू कर दी। दिनदहाड़े और व्यस्त चौराहे पर हो रही इस मारपीट को देखकर आसपास के राहगीर और दुकानदार स्तब्ध रह गए। सरकारी कर्मचारी को लहूलुहान और असहाय करने के बाद, माफिया के गुर्गे जब्त टीपर को अपने साथ लेकर बड़ी आसानी से फरार हो गए।

इस जानलेवा हमले और शासकीय वाहन की लूट की सूचना मिलते ही सरगुजा जिला पुलिस अधीक्षक (SP) और खनिज विभाग के आला अधिकारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ तत्काल गांधी चौक और कोतवाली थाने पहुंचे। घायल खनिज आरक्षक को तुरंत मुलाहिजा और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने पीड़ित आरक्षक की लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात और चिन्हित रेत माफियाओं के खिलाफ शासकीय सेवक पर हमला, शासकीय कार्य में बाधा डालने, बंधक बनाने और डकैती जैसी गंभीर गैर-जमानती धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

अंबिकापुर पुलिस ने पूरे शहर और जिले की सीमाओं पर तत्काल नाकेबंदी लागू कर दी है। घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की गाड़ियों के नंबर और उनकी पहचान की जा सके। खनिज विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस प्रकार के हिंसक हमलों से अवैध उत्खनन के खिलाफ जारी अभियान रुकेगा नहीं, बल्कि इसे और अधिक आक्रामक बनाया जाएगा। फिलहाल, पुलिस की तीन विशेष टीमें फरार आरोपियों और लूटी गई टीपर की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

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