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सामुदायिक भवन की आड़ में चर्च निर्माण का था गंभीर आरोप, हिंदू स्वाभिमान संगठन की शिकायत पर जिला प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

Raipur Bulldozer Action (रायपुर में बुलडोजर कार्रवाई): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज सुबह-सुबह एक बहुत बड़ा और प्रशासनिक रूप से बेहद संवेदनशील 'बुलडोजर एक्शन' देखने को मिला है। शहर के हृदय स्थल और व्यस्ततम सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध सेंट पॉल स्कूल (St. Paul's School) परिसर के भीतर निर्मित एक बड़े विवादित सामुदायिक भवन पर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम के संयुक्त दस्ते ने कड़ा वैधानिक डंडा चलाते हुए उसे पूरी तरह से ध्वस्त (जमींदोज) कर दिया है। इस बड़ी और अचानक हुई कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध, हिंसक टकराव या कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा घटना स्थल और उसके आसपास के पूरे इलाके को अभेद्य पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। भारी संख्या में तैनात सशस्त्र पुलिस बल, महिला विंग और स्थानीय पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में निगम के तीन से चार बुलडोजरों (मशीनों) ने कुछ ही घंटों के भीतर पूरे अवैध और विवादित ढांचे को मलबे के ढेर में बदल दिया।

इस हाई-प्रोफाइल जमींदोज कार्रवाई की पृष्ठभूमि काफी समय से तैयार हो रही थी और इस निर्माण को लेकर शहर में अच्छा-खासा विवाद और तनाव सुलग रहा था। मामले की प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, हिंदू स्वाभिमान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष विश्वदिनी पांडेय ने इस निर्माण के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। संगठन ने जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और नगर निगम मुख्यालय में लिखित और साक्ष्यों के साथ यह गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी कि सेंट पॉल स्कूल प्रबंधन द्वारा स्वीकृत नक्शे और नियमों को ताक पर रखकर, सामुदायिक भवन (Community Hall) के नाम पर अंदरूनी तौर पर एक चर्च का अवैध निर्माण कराया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर मतांतरण की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस गंभीर शिकायत और शहर के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाले इन संवेदनशील आरोपों के बाद, नगर निगम के नगर नियोजक (टाउन प्लानर) और राजस्व विभाग की एक विशेष टीम ने मौके का तकनीकी मुआयना और दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की थी।
प्रशासनिक जांच में निर्माण को लेकर कई गंभीर तकनीकी खामियां, अवैध विस्तार और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद, नगर निगम द्वारा पूर्व में स्कूल प्रबंधन को वैधानिक नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। तय समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब और मालिकाना हक के पुख्ता दस्तावेज पेश न करने पर, निगम आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद आज सुबह तड़के ही पूरी तैयारी के साथ निगम का उड़नदस्ता, तोड़फोड़ दस्ता और पुलिस बल सेंट पॉल स्कूल परिसर पहुंच गया। अचानक हुई इस अप्रत्याशित कार्रवाई से स्कूल प्रबंधन और संबंधित पक्ष को संभलने का मौका भी नहीं मिला। जैसे ही बुलडोजर ने विवादित इमारत की दीवारों पर प्रहार करना शुरू किया, मौके पर भारी भीड़ जमा होने लगी, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर दूर खदेड़ दिया।
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद राजधानी रायपुर का राजनीतिक और सामाजिक पारा पूरी तरह से गरमा गया है। हिंदू संगठनों ने इस बुलडोजर एक्शन को अपनी वैधानिक शिकायतों की जीत बताया है, जबकि दूसरी तरफ इस कार्रवाई को लेकर संबंधित पक्षों में अंदरूनी नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से निष्पक्ष, गैर-कानूनी निर्माण के खिलाफ और नियमों के दायरे में रहकर की गई है, और शहर के भीतर किसी भी प्रकार के अवैध धार्मिक या सामाजिक अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, एहतियात के तौर पर सेंट पॉल स्कूल परिसर और उसके चारों ओर की सड़कों पर पुलिस का सख्त पहरा और गश्त अभी भी पूरी तरह से जारी है।







