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बड़ा हादसा! आंधी-तूफान के कारण खेत में गिरा बिजली का खंभा, करंट की चपेट में आने से 18 मवेशियों की दर्दनाक मौत

RRT News Rajnandgaon: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर के सीमावर्ती ग्रामीण वार्ड सिंगदई से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहां गुरुवार की सुबह एक किसान के खेत में भारी संख्या में मवेशियों के शव बिखरी हुई हालत में मिले, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच और मौके के हालातों को देखने के बाद यह पुष्टि हुई है कि खेत में टूटकर गिरे बिजली के लाइव तार में दौड़ रहे हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से कुल 18 मवेशियों की तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई है। इस सामूहिक मौत के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों में भारी शोक और गहरा आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर बाद राजनांदगांव जिले के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आया था, जिसके बाद धूल भरी तेज आंधी चली और मूसलाधार बारिश हुई। माना जा रहा है कि इसी आंधी-तूफान के प्रचंड वेग के कारण बिजली का एक जर्जर खंभा और उसके हाई वोल्टेज तार टूटकर सीधे खेत में गिर गए थे, जिसमें विद्युत प्रवाह लगातार जारी था। गुरुवार सुबह जब हमेशा की तरह मवेशी खेत में घास चरने के लिए पहुंचे, तो वे जमीन पर फैले इन नंगे और ऊर्ध्वगामी तारों को देख नहीं पाए। जैसे ही मवेशियों का पैर या शरीर इन तारों से छुआ, उन्हें जोरदार करंट लगा और एक-एक कर 18 मवेशियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सुबह जब खेत के मालिक और अन्य ग्रामीणों ने इस वीभत्स मंजर को देखा, तो तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग, स्थानीय पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और पशु विभाग के उच्च अधिकारी दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में मृत मवेशियों का पंचनामा तैयार किया गया और डॉक्टरों की टीम द्वारा मौके पर ही उनका पोस्टमार्टम (PM) किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि तूफ़ान के बाद बिजली बंद क्यों नहीं की गई या टूटे तारों को समय पर क्यों नहीं सुधारा गया। फिलहाल पुलिस मवेशियों के शवों को दफनाने और मामले की आगे की वैधानिक विवेचना में जुट गई है, वहीं पीड़ित पशुपालकों द्वारा मुआवजे की मांग की जा रही है।







