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नक्सलियों की कमर टूटी: दक्षिण बस्तर DVC को तगड़ा झटका, तेलंगाना में 47 नक्सलियों का ऐतिहासिक सरेंडर

नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दक्षिण बस्तर के खूंखार 'DVC' (डिविजनल कमेटी) को उस समय तगड़ा झटका लगा, जब तेलंगाना में एक साथ 47 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह नक्सली केवल संख्या में ही ज्यादा नहीं थे, बल्कि इन्होंने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी पुलिस के सामने रख दिए। इस बड़े आत्मसमर्पण को दक्षिण बस्तर में नक्सली संगठन के कमजोर होते प्रभाव और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती निराशा के रूप में देखा जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले ये नक्सली लंबे समय से संगठन के विभिन्न पदों पर सक्रिय थे और दक्षिण बस्तर के घने जंगलों में सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे। पुलिस के बढ़ते दबाव, चलाए जा रहे सघन तलाशी अभियानों और सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इन नक्सलियों ने संगठन की खोखली विचारधारा और स्थानीय लोगों के प्रति अपनाई जा रही क्रूरता से तंग आकर हथियार डालने की बात कही है।
इस ऐतिहासिक सरेंडर से जगदलपुर और आसपास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में कैडरों का संगठन छोड़ना न केवल दक्षिण बस्तर DVC की रणनीति को ध्वस्त करेगा, बल्कि आने वाले समय में अन्य नक्सलियों के लिए भी आत्मसमर्पण का रास्ता खोलेगा। पुलिस प्रशासन इसे नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर मान रहा है। इस सफलता ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब बस्तर के जंगलों में लाल आतंक की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।







