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मां मातंगी दिव्य दरबार से सुकमा में आध्यात्मिक उत्सव, प्रेमा साई महाराज मुख्य आकर्षण

Chhattisgarh RRT News Desk 09 February 2026

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सुकमा। एक दिवसीय भव्य दिव्य दरबार के आयोजन हेतु मां मातंगी दिव्य धाम पीठाधीश्वर डॉ. श्री प्रेमा साईं जी महाराज सुकमा पहुँच चुके हैं। मंगलवार, 10 फरवरी को आयोजित होने वाले इस दिव्य दरबार को लेकर पूरे बस्तर अंचल में गहरा उत्साह और आध्यात्मिक उमंग का वातावरण है। छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश–विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पर्चा बनवाने तथा महाराज श्री के दर्शन–आशीर्वाद प्राप्त करने सुकमा पहुँच रहे हैं।

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मां मातंगी दिव्य धाम को छत्तीसगढ़ का पहला त्रिकालदर्शी धाम माना जाता है, जिसने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर प्रदेश की गौरवशाली आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई प्रदान की है। यह दिव्य दरबार केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को सशक्त करने का एक जीवंत मंच बनकर उभर रहा है।


महाराज श्री के लगातार बस्तर में आयोजित हो रहे दिव्य दरबारों का व्यापक सामाजिक प्रभाव दिखाई दे रहा है। वे खुले मंच से धर्मांतरण के विरुद्ध आवाज उठाते हुए सनातन समाज को विभिन्न प्रकार के वैचारिक और सांस्कृतिक खतरों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। साथ ही, सनातनियों को एकजुट करने के उद्देश्य से भव्य शोभायात्राओं और सत्संग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।


उनके प्रयासों की सफलता का प्रमाण बस्तर के नक्सल संवेदनशील क्षेत्र बीजापुर और नारायणपुर में देखने को मिला, जहाँ 30 से 40 हजार की संख्या में सनातनियों का एकत्रित होना सामाजिक एकता और धार्मिक चेतना के नए जागरण को दर्शाता है। महाराज श्री के प्रवास और सत्संग से दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों में अपने धर्म, संस्कृति और परंपरा के प्रति आत्मगौरव की भावना मजबूत हो रही है।


मंगलवार, 10 फरवरी को सुकमा की धरती पर सजने वाला यह दिव्य दरबार पूरे बस्तर के लिए ऐतिहासिक क्षण बनने जा रहा है। प्रेमा साईं जी महाराज द्वारा सनातन चेतना को जन–जन तक पहुँचाने का अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है, जिससे बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा और अधिक सुदृढ़ एवं जागृत हो रही है।

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