छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक ऐसा हत्याकांड सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक शख्स की बेरहमी से हत्या करने के बाद आरोपी ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपराध की वह हर हद पार कर दी, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और बारीकी से की गई जांच ने हत्यारे के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
गला घोंटकर हत्या और शव के साथ बर्बरता
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी ने आपसी विवाद या किसी रंजिश के चलते पहले पीड़ित का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतारा। मौत सुनिश्चित करने के बाद कातिल का मन नहीं भरा और उसने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाने का प्रयास किया। जब शव पूरी तरह नहीं जला, तो उसने उसे पास की एक ऊंची पहाड़ी से नीचे फेंक दिया ताकि यह एक दुर्घटना लगे।
सबूत मिटाने के लिए रची गई बड़ी साजिश
आरोपी ने गुनाह के सबूत मिटाने के लिए पेशेवर अपराधियों की तरह काम किया। उसने घटनास्थल से लेकर शव को फेंकने तक के रास्ते में ऐसे साक्ष्य छोड़ने की कोशिश की जिससे पुलिस गुमराह हो सके। पहाड़ी की दुर्गम झाड़ियों में शव फेंकने का मकसद यह था कि जंगली जानवर उसे खा जाएं या शव सड़-गल जाए और कभी किसी की नजर में न आए।
पुलिस की जांच और फोरेंसिक टीम की सफलता
शव बरामद होने के बाद सूरजपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की। फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर संदिग्ध को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी पहुँचा सलाखों के पीछे
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या (धारा 302) और साक्ष्य छिपाने (धारा 201) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की सराहना की है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक अपराधी ने बचने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए, फिर भी कानून के हाथ उस तक पहुँच गए।








