RRT News- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित "सुशासन तिहार 2026" के तहत प्रदेशभर में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि जनता की समस्याओं का मौके पर निपटारा हो सके। इसी कड़ी में शुक्रवार को महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम मुढ़ीपार में आयोजित शिविर में एक ऐसी मांग सामने आई, जिसने गंभीर माहौल को ठहाकों में बदल दिया। यहाँ एक ग्रामीण ने बाकायदा लिखित आवेदन देकर आबकारी विभाग से सरकारी शराब दुकानों में "गोवा ब्रांड" की शराब उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। समाधान शिविर में सड़क, बिजली और पानी की शिकायतों के बीच शराब की इस डिमांड ने सबको हैरान कर दिया।
शिविर में पहुंचे इस 'विशेष' फरियादी ने अपने आवेदन में तर्क दिया कि सरकारी शराब दुकानों में उसके पसंदीदा ब्रांड की उपलब्धता न होने के कारण उसे काफी परेशानी होती है। जब यह आवेदन आबकारी विभाग के स्टाल तक पहुंचा और इसकी जानकारी मंच पर बैठे मंत्रियों और अधिकारियों को हुई, तो वे भी अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाए। सुशासन के नाम पर चल रहे इस कार्यक्रम में जहां लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं इस तरह की मांग चर्चा का विषय बन गई है और इसका वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
स्थानीय प्रशासन और मौजूद जनप्रतिनिधियों ने इस स्थिति को मजाकिया अंदाज में संभाला, लेकिन यह वाकया सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर एक अलग नजरिया भी पेश कर गया। सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य लंबित आवेदनों का निराकरण और योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाना है, लेकिन मुढ़ीपार के इस शिविर में "गोवा ब्रांड" की मांग ने सारी सुर्खियां बटोर लीं। अधिकारियों ने आवेदन तो ले लिया, लेकिन इस पर क्या 'सुधारात्मक' कार्रवाई होगी, यह अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर लोग इस खबर पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे सुशासन तिहार की सफलता मान रहे हैं कि कम से कम जनता अपनी हर छोटी-बड़ी बात बेझिझक शासन के सामने रख रही है, वहीं कुछ इसे प्रशासनिक समय की बर्बादी बता रहे हैं। बहरहाल, पिथौरा के इस समाधान शिविर की यह घटना पूरे प्रदेश में कौतूहल का विषय बनी हुई है। मंत्रियों की मुस्कुराहट और ग्रामीण की बेबाक डिमांड ने "सुशासन तिहार 2026" के एक अलग ही पहलू को जनता के सामने ला दिया है।







