छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित 'स्वदेशी संकल्प दशहतरा' मेले में उस समय अजीबोगरीब स्थिति निर्मित हो गई, जब स्वदेशी के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए स्टालों पर नामी विदेशी ब्रांड (International Brands) के उत्पाद बिकते नजर आए। मेले का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और विशुद्ध भारतीय उत्पादों को मंच देना था, लेकिन यहां एडिडास (Adidas), प्यूमा (Puma) और नाइकी (Nike) जैसे विदेशी ब्रांड के जूतों और कपड़ों की बिक्री खुलेआम की जा रही थी। इसे देखकर मेले में पहुंचे जागरूक नागरिकों ने आपत्ति जताई और आयोजकों की मंशा पर सवाल उठाए।
विवाद तब और गहरा गया जब मेले में आए कुछ स्वदेशी समर्थकों ने विदेशी ब्रांड के स्टालों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। लोगों का कहना है कि जब मेले का नाम ही 'स्वदेशी संकल्प' है, तो फिर मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) को यहां जगह क्यों दी गई? आरोप लगाया जा रहा है कि आयोजकों ने केवल मुनाफा कमाने के चक्कर में स्वदेशी की अवधारणा को दरकिनार कर दिया और उन व्यापारियों को स्टाल आवंटित कर दिए जो विदेशी माल बेच रहे हैं। इससे स्थानीय छोटे बुनकरों और हस्तशिल्पियों के हितों को ठेस पहुंची है।
इस हंगामे के बाद मेला प्रबंधन की ओर से सफाई देने की कोशिश की गई, लेकिन विरोध कम नहीं हुआ। जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से 'लोकल फॉर वोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे अभियानों की गंभीरता कम होती है। मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है, जहां स्वदेशी जागरण मंच से जुड़े लोग जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से भी यह मांग की गई है कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों के लिए कड़े नियम बनाए जाएं ताकि स्वदेशी के नाम पर जनता के साथ छलावा न हो सके।








