रायपुर/छत्तीसगढ़। लंबे समय से वाहन कर (Road Tax) की चोरी करने वाले और बकाया राशि का भुगतान न करने वाले बस संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान के तहत 5 बड़ी बसों को जब्त किया गया है। इन बसों के मालिकों पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है, जिसे कई नोटिस दिए जाने के बावजूद जमा नहीं किया गया था।
परिवहन अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई ये बसें लंबे समय से बिना टैक्स चुकाए सड़कों पर दौड़ रही थीं। विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कई ऑपरेटर टैक्स बचाने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी कर रहे हैं। औचक निरीक्षण और नाकेबंदी के दौरान जब इन बसों के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पाया गया कि इनमें से कुछ पर पिछले कई महीनों का टैक्स बकाया है। विभाग ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए बसों को जब्त कर डिपो में खड़ा करवा दिया है।
नीलामी की तैयारी में विभाग
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा। यदि बस मालिक निर्धारित समय के भीतर बकाया टैक्स और उस पर लगने वाला जुर्माना (Penalty) जमा नहीं करते हैं, तो परिवहन विभाग इन बसों की सार्वजनिक नीलामी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। नीलामी से प्राप्त राशि को सरकारी खजाने में जमा कर बकाया कर की वसूली की जाएगी।
ऑपरेटरों में मचा हड़कंप
परिवहन विभाग की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' से बस ऑपरेटरों और परिवहन संघ में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जांच का यह दायरा और बढ़ाया जाएगा। व्यावसायिक वाहनों के अलावा अन्य बड़े वाहनों की भी जांच की जा रही है। विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई और नीलामी की स्थिति से बचने के लिए अपना बकाया टैक्स समय पर जमा करें।








