छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ नदी में नहाने के दौरान दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे अपने घर से बिना बताए पास की ही नदी में नहाने के लिए निकले थे। दोपहर के समय जब बच्चे काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। नदी किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पल मिलने के बाद ग्रामीणों ने पानी में खोजबीन शुरू की, जिसके बाद दोनों के शव बरामद हुए। इस हृदयविदारक घटना ने मासूमों के परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।
भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए अक्सर ग्रामीण अंचलों में बच्चे नदियों और तालाबों का रुख करते हैं, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण ऐसे हादसे जानलेवा साबित होते हैं। बलरामपुर की इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों को अकेले जलस्रोतों की ओर न जाने दें, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर जल सुरक्षा को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी को उजागर किया है। मानसून की आहट और गर्मी के समापन के बीच जलस्तर में बदलाव और भंवर जैसी स्थितियां खतरनाक हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन और पंचायत स्तर पर इन खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग भी उठ रही है। फिलहाल, दो घरों के चिराग बुझ जाने से हर तरफ सन्नाटा और गमगीन माहौल है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।







