नारायणपुर/बीजापुर/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती 2019 और 2023 के तहत नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन ने सूची में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाते हुए नारायणपुर एवं बीजापुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को ज्ञापन सौंपा है।
छत्तीसगढ़ नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारीयों द्वारा जिला नारायणपुर जिलाशिक्षाधिकारी को वरिष्टता हेतु सौंपा गया ज्ञापन... छत्तीसगढ़ प्रदेश नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जारी वरिष्ठता सूची में 2019 एवं 2023 में नियुक्त व्याख्याताओं को शामिल नहीं किया गया है। साथ ही शिक्षक पदों में भी कैडरवार वरिष्ठता सूची के बजाय सामूहिक सूची जारी की गई है, जो कि **राजपत्र 5 मार्च 2019** में उल्लेखित प्रावधानों के विपरीत है।छत्तीसगढ़ नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारीयों द्वारा जिला बीजापुर जिलाशिक्षाधिकारी को वरिष्टता हेतु सौंपा गया ज्ञापन...छत्तीसगढ़ प्रदेश नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि राजपत्र में स्पष्ट रूप से चार संवर्ग—
**ई संवर्ग, टी संवर्ग, ई एल.बी. संवर्ग और टी एल.बी. संवर्ग** —परिभाषित किए गए हैं। इनमें से ई एवं टी संवर्ग राज्य स्तरीय भर्ती के माध्यम से सीधे शिक्षा विभाग में नियुक्त शिक्षकों से संबंधित हैं, जबकि एल.बी. संवर्ग का अभिप्राय लोकल बॉडी यानी पंचायत एवं नगरीय निकाय के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों से है, जिनका बाद में संविलियन हुआ है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 2019 एवं 2023 में राज्य स्तरीय भर्ती से चयनित शिक्षकों को **ई संवर्ग एवं टी संवर्ग की वरिष्ठता सूची** में सम्मिलित किया जाना चाहिए, न कि ई एल.बी. एवं टी एल.बी. संवर्ग की सूची में। फेडरेशन ने इसे **राजपत्र की टंकण त्रुटि** बताते हुए पृष्ठ क्रमांक 158(2) के बिंदु क्रमांक 5 — जिसमें लिखा गया है *"नवचयनित शिक्षक ई एल.बी. संवर्ग एवं टी एल.बी. संवर्ग की वरिष्ठता सूची में शामिल होंगे"* — के विलोपन अथवा संशोधन की मांग की है।
छत्तीसगढ़ नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारीयों द्वारा जिला बस्तर एवं संभागीय संयुक्त संचालक एवं जिलाशिक्षाधिकारी को वरिष्टता हेतु सौंपा गया ज्ञापन...
छत्तीसगढ़ प्रदेश नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन ने इस मुद्दे पर शीघ्र लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर से आवश्यक संशोधन एवं स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि भविष्य में पदोन्नति एवं वरिष्ठता निर्धारण में किसी प्रकार की असमानता न रहे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश नियमित सर्वशिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल में संबंधित जिलों के पदाधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।