रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने एक विशेष घोषणा करते हुए कहा है कि राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय कॉलेजों में अनिवार्य रूप से 'हेल्प डेस्क' (Help Desk) की स्थापना की जाएगी। पत्रिका से हुई एक विशेष बातचीत में उन्होंने साफ किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में होने वाली दिक्कतों से बचाना और उन्हें एक ही छत के नीचे त्वरित सहायता प्रदान करना है।
हर साल नया सत्र शुरू होते ही कॉलेजों में प्रवेश (Admission), परीक्षाओं के आयोजन, परीक्षा परिणामों (Results) में गड़बड़ी और छात्रवृत्ति (Scholarship) जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कई बार सही जानकारी न होने की वजह से विद्यार्थियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब कॉलेजों में बनने वाले इन विशेष हेल्प डेस्क के जरिए छात्रों की हर छोटी-बड़ी समस्या और शिकायतों का समय पर निराकरण किया जा सकेगा, जिससे उनका कीमती समय बचेगा और उन्हें मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग नए सत्र को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और छात्र हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सभी प्राचार्यों और प्रबंधन को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि हेल्प डेस्क का संचालन प्रभावी ढंग से हो सके। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल दाखिला प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को कॉलेज स्तर पर ही सही मार्गदर्शन मिल सकेगा।







