रायपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए खाद, बीज और कृषि ऋण की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। कृषि एवं सहकारिता विभाग के आपसी तालमेल से जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कृषि आदानों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। मानसून के इस सीजन में खाद-बीज की जमाखोरी, कालाबाजारी और उर्वरकों के अवैध विक्रय को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार कड़े कदम उठा रहा है और निजी व सरकारी केंद्रों की सघन निगरानी की जा रही है।
किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए शासन ने इस वर्ष जिले में सहकारी समितियों की संख्या को 24 से बढ़ाकर 44 कर दिया है। इस दूरदर्शी कदम से अब दूरस्थ वनांचल के किसानों को खाद और बीज लेने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है, जिससे उनके समय और परिवहन खर्च में बड़ी बचत हो रही है। वर्तमान में इन समितियों में 9,285 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक और 6,836 क्विंटल उन्नत धान बीज का सुरक्षित भंडारण किया गया है, जिसका वितरण कृषि विभाग की देखरेख में बेहद पारदर्शी तरीके से तेजी से किया जा रहा है।
खेती-किसानी के इस व्यस्त दौर में किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 10,187 किसानों को कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। उप संचालक कृषि एम.आर. भगत के अनुसार, विभागीय अमला गांव-गांव जाकर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक कर रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे सीजन में जशपुर के किसानों को कृषि इनपुट्स की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







