रायपुर: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) ने अपनी सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी और कड़ा रुख अपनाते हुए सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित बेशकीमती भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा लिया है। दीनदयाल आवास योजना के तहत वर्ष 2006 में आवंटित इस सरकारी जमीन पर एक निजी बिल्डर द्वारा बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से इस अनधिकृत निर्माण और सड़क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
यह पूरा मामला ग्राम सेजबहार और दतरेंगा की लगभग 53.19 एकड़ (21.538 हेक्टेयर) भूमि से जुड़ा है, जो कलेक्टर रायपुर के आदेश पर हाउसिंग बोर्ड को आवासीय परियोजना के लिए दी गई थी। इस स्वीकृत ले-आउट के तहत क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (LIG) आवासों का निर्माण होना था, जिनमें से 1366 मकानों का निर्माण पूरा कर लिया गया था। हालांकि, तत्कालीन समय में कुछ भूमि विवाद होने के कारण भवन क्रमांक 1287 से 1345 और 1412 से 1431 तक के कुल 79 आवासों का निर्माण रुक गया था और यह जमीन खाली रह गई थी, जिस पर भूमाफियाओं की नजर थी।
हाल ही में जब हाउसिंग बोर्ड ने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर अपनी 18 हेक्टेयर भूमि का दोबारा सीमांकन कराया, तो इस बड़े अतिक्रमण का भंडाफोड़ हुआ। कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में संपदा अधिकारी अमृत लाल बरमन और पूरी तकनीकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर अवैध कब्जे को हटा दिया। मंडल के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस मुक्त कराई गई जमीन पर भविष्य में एक नई और आधुनिक आवासीय परियोजना विकसित की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।







