दिल्ली शराब घोटाला मामले में लगभग दो साल की लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के बाद आज आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए सबसे बड़ा दिन साबित हुआ। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज जितेंद्र सिंह ने सबूतों के अभाव में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपियों को 'डिस्चार्ज' कर दिया। कोर्ट ने अपने कड़े फैसले में सीबीआई की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं मिला जिससे आरोपियों के खिलाफ मामला चलाया जा सके। फैसले के बाद जब केजरीवाल कोर्ट से बाहर निकले, तो वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और भावुक होकर रो पड़े।
भावुक वीडियो में अरविंद केजरीवाल ने रुंधे हुए गले से कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्हें और उनके परिवार को जिस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा, वह असहनीय था। उन्होंने कहा, "मेरे बच्चों और पत्नी ने जो सहा है, वो मैं ही जानता हूँ। मुझे और मनीष को दुनिया के सामने चोर साबित करने की कोशिश की गई, लेकिन आज अदालत ने बता दिया कि हम कट्टर ईमानदार हैं। भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं।" केजरीवाल के साथ मौजूद मनीष सिसोदिया भी काफी भावुक नजर आए और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी खुशी और राहत साझा की।
निर्दोष साबित होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कुचलने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए घातक है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को नसीहत देते हुए कहा, "मोदी जी, आपने अपनी पूरी मशीनरी हमें खत्म करने में लगा दी। राजनीतिक विरोधियों को जेल में डालना बहादुरी नहीं है। अब कम से कम बदले की यह राजनीति बंद कीजिए और दिल्ली की चुनी हुई सरकार को काम करने दीजिए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि एजेंसियां निष्पक्ष होनी चाहिए, न कि किसी पार्टी का औजार।
इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति पूरी तरह बदल गई है। आम आदमी पार्टी ने इसे 'सत्यमेव जयते' बताते हुए पूरे देश में जश्न मनाना शुरू कर दिया है। पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कहा कि "सत्य की हमेशा जीत होती है।" यह फैसला आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे केजरीवाल और उनकी पार्टी को भारी नैतिक और राजनीतिक बढ़त मिलने की उम्मीद है। वहीं, कोर्ट की सीबीआई को फटकार के बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।






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