भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने बिलासपुर से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12441) पर पथराव कर दिया। यह घटना तब हुई जब ट्रेन भिलाई के आउटर क्षेत्र से गुजर रही थी। पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि ट्रेन के इंजन के सामने का मुख्य शीशा (Windscreen) बुरी तरह चटक गया और उसमें दरारें आ गई हैं। गनीमत रही कि इस हमले में लोको पायलट को कोई गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।
इंजन के सामने का कांच हुआ चकनाचूर
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन जब भिलाई नगर और पावर हाउस स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, तभी ट्रैक के किनारे मौजूद कुछ शरारती तत्वों ने ट्रेन को निशाना बनाकर पत्थर फेंके। तेज रफ्तार ट्रेन में पत्थर लगने से इंजन के सामने वाले हिस्से में गहरी दरारें पड़ गईं। लोको पायलट ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। इसके बाद ट्रेन को अगले स्टॉपेज पर रोककर तकनीकी जांच की गई और फिर सावधानीपूर्वक आगे रवाना किया गया।
बस्तियों में पत्थरबाजों की तलाश तेज
इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ (RPF) की टीम अलर्ट मोड पर है। आरपीएफ ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरपीएफ के जवान रेलवे ट्रैक के आसपास स्थित बस्तियों में दबिश दे रहे हैं। संदेहियों से पूछताछ की जा रही है और स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया है ताकि उन लोगों को पकड़ा जा सके जो अक्सर ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं में शामिल रहते हैं।
VVIP ट्रेनों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेन पर पथराव की इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। भिलाई और दुर्ग के बीच का यह हिस्सा पहले भी ऐसी घटनाओं के लिए संवेदनशील रहा है। रेल यात्रियों और विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पत्थर खिड़की के शीशे को तोड़कर कोच के भीतर दाखिल हो जाता, तो किसी यात्री की जान को भी खतरा हो सकता था। रेलवे अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ट्रेनों पर पथराव करना एक गंभीर अपराध है, जिसमें जेल की सजा का प्रावधान है।
रेलवे की अपील और निगरानी
भिलाई आरपीएफ पोस्ट प्रभारी ने बताया कि पत्थरबाजों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इंटेलिजेंस की मदद ली जा रही है। साथ ही, रेलवे प्रशासन ने ट्रैक किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे बच्चों और युवाओं को ऐसी जानलेवा हरकतों से दूर रहने की सलाह दें। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में गश्त (Patrolling) बढ़ाने का निर्णय लिया गया है ताकि यात्री और रेल संपत्ति दोनों सुरक्षित रह सकें।








