भिलाई (दुर्ग): भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के भीतर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। संयंत्र परिसर में एक झुके हुए पोल पर काम करने के दौरान ऊंचाई से गिरकर एक ठेका श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में भिलाई की भट्टी थाना पुलिस ने सुरक्षा उपकरणों के अभाव और लापरवाही बरतने के आरोप में बीएसपी प्रबंधन के संबंधित अधिकारियों और कार्य करवाने वाले ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल श्रमिक को बिना किसी लाइफ-लाइन, सुरक्षा बेल्ट या अन्य सुरक्षा उपकरणों के एक असुरक्षित और झुके हुए पोल पर चढ़ाया गया था। कार्य के दौरान संतुलन बिगड़ने से वह सीधे कंक्रीट के फर्श पर आ गिरा, जिससे उसे सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घायल श्रमिक का इलाज फिलहाल सेक्टर-9 अस्पताल में जारी है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर के मुख्य बिंदु:
लापरवाही का आरोप: पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा पर्यवेक्षक (Safety Supervisor) मौजूद नहीं था और न ही श्रमिक को जरूरी पीपीई किट प्रदान की गई थी।
धाराएं: भट्टी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत लापरवाही से चोट पहुँचाने और जीवन को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
प्रबंधन की घेराबंदी: पिछले कुछ महीनों में बीएसपी प्रबंधन पर यह पांचवीं से अधिक एफआईआर है। नवंबर और दिसंबर 2025 में भी विभिन्न हादसों के बाद पुलिस ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।
यूनियन नेताओं और श्रमिक संगठनों ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया है। उनका आरोप है कि बीएसपी प्रबंधन केवल उत्पादन के लक्ष्यों को पूरा करने में जुटा है, जबकि ठेका श्रमिकों की जान की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। "बिना सुरक्षा बेल्ट के पोल पर चढ़ाना सीधे तौर पर जान जोखिम में डालना है," एक स्थानीय श्रमिक नेता ने कहा।
गौरतलब है कि भिलाई स्टील प्लांट में पिछले 45 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी दुर्घटना है, जिसने संयंत्र की 'सेफ्टी ऑडिट' प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी की जा सकती है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए।








