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भोपाल — मध्य प्रदेश में जल्द होगा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने यह तय किया है कि अब मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक तैनात अधिकारियों का कार्य-आधारित मूल्यांकन किया जाएगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर तबादलों का फैसला लिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, सभी विभागों के अधिकारियों का एक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें अधिकारी का कार्य प्रदर्शन, वर्तमान पद पर बिताया गया समय, योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और प्रशासनिक जरूरतों जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे मनमाने तबादलों पर रोक लगेगी और योग्य अधिकारियों को सही जगह पर जिम्मेदारी मिलेगी।
राज्य स्तर पर जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें जिलों और नगरीय क्षेत्रों में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। बैठक के बाद चरणबद्ध तरीके से तबादला आदेश जारी किए जाने की संभावना है। हालांकि, कुछ अहम पदों पर फिलहाल स्थिरता बनाए रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि प्रशासनिक और संवैधानिक कार्य प्रभावित न हों।
सरकारी स्तर पर यह भी संकेत दिए गए हैं कि जिन अधिकारियों को हाल ही में पदोन्नति मिली है, उनकी नई पदस्थापना भी इसी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। इससे प्रशासनिक ढांचे में संतुलन बना रहेगा और कार्यक्षमता में सुधार होगा।
कुल मिलाकर, सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रदर्शन-आधारित प्रशासन। आने वाले दिनों में यह नई व्यवस्था प्रदेश की प्रशासनिक कार्यशैली में बड़े बदलाव ला सकती है।







