कवर्धा: छत्तीसगढ़ के खजुराहो कहे जाने वाले भोरमदेव क्षेत्र में अब पर्यटन को एक नई ऊंचाई मिलने जा रही है। प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में जंगल सफारी की औपचारिक शुरुआत हो गई है। यहाँ पर्यटकों के लिए विशेष रूप से 34 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक तैयार किया गया है, जो घने जंगलों और मैकल पर्वत श्रृंखला की हसीन वादियों के बीच से होकर गुजरता है। इस सफारी के शुरू होने से अब श्रद्धालु मंदिर दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवों के करीब जाने का आनंद भी ले सकेंगे।
सफारी के इस रूट को बेहद खूबसूरती से डिजाइन किया गया है, जहाँ पर्यटकों को दुरदुरी झरना का मनमोहक दृश्य और बावापारा में सकरी नदी का शांत किनारा मंत्रमुग्ध कर देगा। सफर के दौरान लोग प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ जंगली जानवरों जैसे कोटरा, चौसिंगा, तेंदुआ और भालू की मौजूदगी को करीब से महसूस कर पाएंगे। वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी के इस ईको-टूरिज्म का अनुभव ले सकें।
भोरमदेव सफारी की शुरुआत होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और कबीरधाम जिले में पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दुरदुरी झरने के पास का व्यू पॉइंट इस सफारी का मुख्य आकर्षण साबित होगा। अब पर्यटकों को जंगल के रोमांच के लिए सुदूर क्षेत्रों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि रायपुर के करीब ही उन्हें प्रकृति का यह शानदार तोहफा मिलेगा।







