छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। थाना सक्ती पुलिस ने ग्राम परसदा खुर्द में खुद को आबकारी पुलिस बताकर घर में घुसने, झूठी रेड करने और अवैध वसूली करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरोह का एक मुख्य सदस्य अब भी फरार है।
घर में जबरन घुसकर की तलाशी, मांगे ₹30,000
प्रार्थी गनपत लाल लहरे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 23 नवंबर की रात उनकी बहन अमरिका बाई के घर में पाँच व्यक्ति जबरन घुस आए।
आरोपियों ने स्वयं को आबकारी पुलिस बताकर घर की तलाशी ली।
उन्होंने महिला पर शराब बेचने और पिलाने का झूठा आरोप लगाते हुए ₹30,000 की मांग की।
धमकाने के बाद, आरोपियों ने जबरन ₹3,000 वसूल लिए। इसी दौरान एक वर्दीधारी आरोपी वसूली की रकम लेकर मौके से भाग निकला।
पड़ोसियों की मदद से पकड़े गए आरोपी
स्थानीय पड़ोसियों की मदद से एक अन्य वर्दीधारी समेत तीन अन्य आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि पूरा गिरोह फर्जी आबकारी पुलिस बनकर वसूली कर रहा था।
चार आरोपी गिरफ्तार, खाकी वर्दी बरामद
पुलिस ने फर्जीवाड़े में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है: नरेन्द्र गोस्वामी उर्फ दाऊ (23 वर्ष), अजय गोस्वामी (23 वर्ष), रामनारायण धीवर (34 वर्ष) और लोकेश राठौर उर्फ ओम (20 वर्ष)। ये सभी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं। आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और पुलिस की खाकी वर्दी बरामद की गई है।
कड़ी धाराओं में केस दर्ज, फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध थाना सक्ती में अपराध क्रमांक 423/2025 के तहत कड़ी धाराओं (जैसे BNS की धारा 308, 319, 318, 331) में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी और वसूली गई पूरी रकम की बरामदगी के लिए टीम लगातार काम कर रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल सिंह ठाकुर के निर्देशन और थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल के नेतृत्व में की गई।








