बीजापुर: खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। आपूर्ति कम होने के कारण कई होटल और ढाबा संचालक घरेलू सिलेंडरों (Domestic Cylinders) का उपयोग कर रहे थे, जिस पर लगाम लगाने के लिए बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर प्रशासन ने गुरुवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु
छापेमारी: अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने बीजापुर जिला मुख्यालय और आसपास के प्रमुख होटल-ढाबों पर दबिश दी।
सिलेंडर जब्त: निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का कमर्शियल इस्तेमाल होते पाया गया, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
सख्त चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपयोग के लिए रियायती दरों पर मिलने वाले सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह गैर-कानूनी है। ऐसा करने वाले संचालकों के खिलाफ 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों उठाया गया यह कदम?
घरेलू उपभोक्ताओं का संरक्षण: कमर्शियल गैस की किल्लत के कारण लोग घरेलू कोटे के सिलेंडरों को होटलों में खपा रहे थे, जिससे आम नागरिकों के लिए गैस की किल्लत पैदा होने का खतरा बढ़ गया था।
कालाबाजारी पर रोक: प्रशासन ने जिले की सभी 14 गैस एजेंसियों से कमर्शियल ग्राहकों की सूची मंगवाई है ताकि गैस की खपत और वितरण की सही स्थिति का आकलन किया जा सके और कालाबाजारी रोकी जा सके।
सुरक्षा मानक: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू रेगुलेटर और सिलेंडरों का उपयोग सुरक्षा की दृष्टि से भी जोखिम भरा होता है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे गैस की कमी को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्राथमिक रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।








