CG News- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने और सुशासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बिलासपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संभाग के पांच जिलों के आला अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय और संयुक्त समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में सीएम साय ने प्रशासनिक अमले को दोटूक शब्दों में स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं और शिकायतों के निराकरण में किसी भी तरह की हीला-हवाली या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से जनसमस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शासन द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं का वास्तविक और सीधा लाभ समाज के सबसे पिछड़े और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति (अंतिम व्यक्ति) तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए। सीएम ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजी आंकड़े पूरे करना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है, इसलिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ फील्ड में उतरकर काम करें।
जवाबदेही तय, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस संयुक्त बैठक के बाद संभाग के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुखों को टारगेट ओरिएंटेड (लक्ष्य आधारित) काम करने की हिदायत दी गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि वे खुद समय-समय पर योजनाओं की जमीनी हकीकत का फीडबैक लेते रहेंगे। यदि किसी भी जिले में क्रियान्वयन में लापरवाही या आम जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने की शिकायत सामने आई, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।







