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बीजापुर नाव हादसा: इंद्रावती नदी ने उगले मां-बेटी के शव, दो मासूम अब भी लापता; नदी किनारे पसरा मातमी सन्नाटा...

Chhattisgarh RRT News Desk 22 January 2026

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बीजापुर: बीजापुर के भैरमगढ़ ब्लॉक में इंद्रावती नदी में हुए नाव हादसे में बुरी खबर सामने आई है। कल शाम से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों की टीम ने लापता परिवार की मां और उनकी एक बेटी के शव बरामद कर लिए हैं। हालांकि, परिवार के दो अन्य मासूम बच्चे अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में SDRF और गोताखोरों की टीम भारी बारिश और तेज बहाव के बीच जूझ रही है। नदी किनारे मिले शवों को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

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ममता और मासूमियत की जल-समाधि

जानकारी के अनुसार, बरामद किए गए शवों की पहचान परिवार की महिला और उसकी बड़ी बेटी के रूप में हुई है। गोताखोरों ने शवों को घटनास्थल से कुछ दूरी पर झाड़ियों में फंसा हुआ पाया। जैसे ही शवों को किनारे लाया गया, वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। प्रशासन ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पूरी टीम का ध्यान उन दो मासूमों को ढूंढने पर है जो कल शाम से लापता हैं, हालांकि समय बीतने के साथ उनके बचने की उम्मीदें बेहद कम होती जा रही हैं।

रेस्क्यू में आ रही हैं बड़ी चुनौतियां

इंद्रावती नदी का जलस्तर और तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

अंधेरा और गहराई: नदी की गहराई और पानी के नीचे मौजूद चट्टानों के कारण गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

बहाव की गति: आशंका जताई जा रही है कि तेज बहाव के कारण मासूमों के शव काफी आगे निकल गए होंगे, इसलिए सर्च एरिया को बढ़ा दिया गया है।

स्थानीय मदद: प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी अपनी पारंपरिक नावों के जरिए किनारों पर तलाशी ले रहे हैं।

सिस्टम की विफलता पर ग्रामीणों का गुस्सा

इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन और सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यहाँ पुल होता, तो उन्हें जान जोखिम में डालकर छोटी नावों (डोंगिया) का सहारा नहीं लेना पड़ता। "बाजार से लौटते वक्त एक पूरा परिवार उजड़ गया, इसका जिम्मेदार कौन?"—यह सवाल आज हर ग्रामीण की जुबान पर है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में आज भी नदी पार करना 'मौत का सफर' साबित हो रहा है।

प्रशासन की अपील

बीजापुर जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और उफनती नदी में छोटी नावों का प्रयोग न करने की हिदायत दी है। कलेक्टर ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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