बीजापुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी की लहरों ने एक हंसते-खेलते परिवार को अपनी आगोश में ले लिया। भैरमगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम काऊरगट्टा के पास इंद्रावती नदी पार करते समय एक छोटी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक ही परिवार के 4 सदस्य नदी के तेज बहाव में बह गए और लापता हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुँच गई है।
बाजार से लौट रहा था परिवार
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार नदी के उस पार साप्ताहिक बाजार गया था। शाम को घर वापस लौटते समय वे एक छोटी डोंगिया (देशी नाव) में सवार होकर नदी पार कर रहे थे। बीच मझधार में संतुलन बिगड़ने के कारण नाव पलट गई। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक वजन या पानी का अचानक बहाव बढ़ने की वजह से यह हादसा हुआ। नाव पर सवार अन्य लोग तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन एक ही परिवार के चार लोग पानी की गहराई में समा गए।
लापता सदस्यों की तलाश में जुटी SDRF की टीम
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की, लेकिन रात होने और नदी की गहराई अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिली। आज सुबह से SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) और गोताखोरों की टीम को तैनात किया गया है। लापता लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने आस-पास के गांवों के गोताखोरों को भी मदद के लिए बुलाया है।
पुल की कमी और मजबूरी का नतीजा
इंद्रावती नदी के उस पार बसे गांवों के ग्रामीणों के लिए नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन है। बरसों से ग्रामीण यहां पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाका होने के कारण विकास की रफ्तार सुस्त है। मानसून के बाद भी नदी का जलस्तर काफी रहता है, जिससे जान जोखिम में डालकर नदी पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा
बीजापुर कलेक्टर और एसपी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढना है। नदी के बहाव की दिशा में आगे के गांवों को भी अलर्ट किया गया है। वहीं, इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार के गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।








