बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को नए साल की एक और बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिमी इलाके के जंगलों में दो दिनों तक चली भीषण मुठभेड़ में अब तक 6 माओवादियों को मार गिराया गया है। मारे गए नक्सलियों में 4 महिला माओवादी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ढेर किए गए माओवादियों में से चार पर सामूहिक रूप से 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह ऑपरेशन इलाके में माओवादियों की 'नेशनल पार्क एरिया कमेटी' के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने जानकारी दी कि शनिवार सुबह डीआरजी (DRG), कोबरा (CoBRA) और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान चतरू और आसपास के घने जंगलों में छिपे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के पहले दिन (17 जनवरी) चार माओवादियों के शव बरामद किए गए थे, जबकि रविवार (18 जनवरी) को तलाशी अभियान के दौरान दो और नक्सलियों के शव मिले। मारे गए मुख्य कैडरों में DVCM दिलीप बेड़जा (डिवीजनल कमेटी मेंबर), ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम और पार्टी सदस्य राधा मेट्टा की पहचान हो चुकी है।
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद किया है। इसमें 2 नग AK-47 राइफल, 1 नग इंसास (INSAS) राइफल, 1 नग कार्बाइन और 2 नग .303 राइफल सहित 6 ग्रेडेड हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में ऑटोमैटिक हथियारों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि ये माओवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। घटनास्थल से भारी मात्रा में दैनिक उपयोग का सामान और माओवादी साहित्य भी जब्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस सफल ऑपरेशन के लिए जवानों के साहस की सराहना की है। उन्होंने कहा कि "बस्तर को नक्सल मुक्त करने का संकल्प अब निर्णायक चरण में है।" उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मुख्य कमांडर दिलीप बेड़जा को सरेंडर करने का मौका दिया गया था, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लक्ष्य के तहत, बस्तर में सुरक्षाबलों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
बीजापुर का यह इलाका लंबे समय से माओवादियों का मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षाबलों के नए कैंपों की स्थापना और सटीक इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन्स ने उनकी कमर तोड़ दी है। इस साल अब तक बस्तर में 20 से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं। वर्तमान में पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य घायल नक्सली जंगल में न छिपा हो।








