बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर इस वक्त बड़े अपराधों की चपेट में है। पिछले चार दिनों के भीतर शहर और आसपास के इलाकों में अलग-अलग वारदातों में लगभग 4 करोड़ रुपये की लूट ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अपराध के बढ़ते ग्राफ और पुलिस की विफलता पर उठते सवालों के बीच प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अचानक बिलासपुर पहुँचे हैं।
डीजीपी ने बिलासपुर पहुँचते ही आईजी और एसपी समेत जिले के तमाम आला अधिकारियों की आपात बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए अपराधियों की जल्द से जल्द धरपकड़ के निर्देश दिए हैं।
वारदातों का सिलसिला:
पिछले 96 घंटों के भीतर हुई वारदातों ने शहरवासियों में दहशत पैदा कर दी है। बदमाशों ने बैंक, कारोबारियों और कैश वैन को निशाना बनाया है। पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई इन लूट की घटनाओं से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि शहर में कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है। पुलिस की टीमें अब तक केवल सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों से पूछताछ तक ही सीमित नजर आ रही हैं।
DGP की सख्त हिदायत:
बिलासपुर पहुँचे डीजीपी ने कहा कि "अपराधियों में पुलिस का खौफ होना चाहिए, न कि आम जनता में।" उन्होंने जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी तेज करने और गश्त बढ़ाने के आदेश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन बड़ी लूट की गुत्थियों को नहीं सुलझाया गया, तो संबंधित थाना प्रभारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।








