रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जहां जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी (कैदी) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक कैदी की पहचान संजय बघेल के रूप में की गई है, जो रायगढ़ के ग्राम नवापारा का निवासी था। जेल के भीतर युवक की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार तक पहुंची, परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन पर जेल के भीतर बेरहमी से मारपीट करने का संगीन आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक संजय बघेल पिछले कुछ दिनों से अवैध आबकारी (शराब) से जुड़े एक मामले में रायगढ़ जिला जेल में न्यायिक रिमांड पर बंद था। जेल प्रबंधन के मुताबिक, अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान आज उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, मौत की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में मृतक के पिता प्यारेलाल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। पिता प्यारेलाल का कहना है कि तीन दिन पहले स्थानीय पुलिस ने उनके बेटे संजय और उसके एक दोस्त को शराब बेचने के आरोप में हिरासत में लिया था। आरोप है कि पुलिस ने संजय के साथी से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेकर उसे मौके से ही छोड़ दिया, लेकिन उनके बेटे संजय को केस दर्ज कर जेल भेज दिया।
पिता ने रोते हुए आरोप लगाया कि पुलिस और जेल के भीतर उनके बेटे के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई थी, जिसके कारण अंदरूनी चोटें आईं और उसकी जान चली गई। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और मानवाधिकार आयोग से इस कथित कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) की न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों व जेल प्रहरियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल और प्रभावित इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।







