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बिहान योजना से महिलाओं ने संभाला पशु आहार संयंत्र, रोजगार के साथ बढ़ी नियमित आय

बिलासपुर, 26 अगस्त 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के जरिए बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्राम अकलतरी की जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समूह की महिलाओं ने गांव में बिलासा पशु आहार संयंत्र का संचालन शुरू कर पशु एवं पक्षी आहार के निर्माण को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है। इस पहल से महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का अवसर मिल रहा है।

आधुनिक मशीनों से तैयार हो रहा पशु-पक्षी आहार
जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं संयंत्र में पशु और पक्षी आहार तैयार करने के साथ उसके पैकेजिंग और विपणन का काम भी संभाल रही हैं। उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संयंत्र में फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर, फीड पैलेट और फीड क्रम्बल मशीन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं।
संयंत्र के संचालन में मशीनरी ऑपरेशन, आहार निर्माण, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और गुणवत्ता जांच जैसे अलग-अलग कार्यों की जरूरत होती है। समूह की महिलाओं की इसमें सक्रिय भागीदारी है, जिससे उन्हें अपने गांव में ही रोजगार का अवसर मिल रहा है।
स्थानीय पशुपालकों को भी मिल रहा फायदा
गांव में ही पशु एवं पक्षी आहार उपलब्ध होने से आसपास के पशुपालकों और कुक्कुट पालकों को दूर से आहार खरीदने की जरूरत कम हुई है। इससे उनके समय और परिवहन खर्च की बचत हो रही है। वहीं संयंत्र के संचालन से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
समूह की महिलाएं संयंत्र के संचालन से लेकर उत्पाद तैयार करने और उसे बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इससे उनमें व्यवसाय प्रबंधन और आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना अकलतरी
बिहान योजना के तहत महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। अकलतरी गांव की जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की पहल इसी दिशा में एक उदाहरण बनकर सामने आई है।
पशु आहार संयंत्र के माध्यम से महिलाओं को नियमित आय का जरिया मिलने के साथ गांव में रोजगार के नए अवसर भी तैयार हुए हैं। यह पहल अन्य महिला स्व-सहायता समूहों को भी स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।




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