रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी छवि को बेदाग रखने और नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश देने के उद्देश्य से विनायक ताम्रकर को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस जांच में ताम्रकर के ठिकानों पर अफीम की अवैध खेती के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद की गई है।
मामला क्या है?
हाल ही में पुलिस प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर विनायक ताम्रकर के कृषि फार्म और संबंधित परिसरों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान प्रशासन को भारी मात्रा में अफीम के पौधे और मादक पदार्थ बनाने की सामग्री बरामद हुई थी। इस गंभीर आपराधिक मामले के उजागर होते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। विपक्षी दलों ने सरकार और सत्ताधारी दल पर निशाना साधना शुरू कर दिया था, जिसके बाद भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
भाजपा का पक्ष
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने इस निष्कासन की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी सिद्धांतों और अनुशासन से समझौता नहीं करती। "नशे का कारोबार समाज को खोखला करता है और हमारी पार्टी ऐसे किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं करती जो इस तरह के जानलेवा व्यापार में संलिप्त हो। कानून अपना काम करेगा और पार्टी ने अपना फैसला ले लिया है।"
ताम्रकर के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस अवैध खेती के तार किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।








