Breaking

बोधघाट: लाल आतंक की विदाई के बाद बस्तर के 'जंगल अर्थशास्त्र' को बदलने की तैयारी, खुशहाली की नई इबारत लिखेगी यह परियोजना

Chhattisgarh RRT News Desk 17 March 2026

post

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में माओवादी हिंसा के खात्मे के साथ ही विकास की रुकी हुई कड़ियों को जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। लंबे समय से विवादों और सुरक्षा कारणों से ठंडे बस्ते में पड़ी बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना अब फिर से चर्चा के केंद्र में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो यह बस्तर के "जंगल अर्थशास्त्र" (Forest Economics) की परिभाषा बदल देगी। इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित यह बांध न केवल बिजली पैदा करेगा, बल्कि सूखे खेतों तक पानी पहुँचाकर कृषि क्रांति का सूत्रपात करेगा।

Advertisement

अतीत में, माओवादी संगठनों ने इस परियोजना का कड़ा विरोध किया था, जिसके चलते सर्वे और निर्माण कार्य असंभव हो गया था। अब जबकि सुरक्षा बलों ने अंदरूनी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और नक्सली बैकफुट पर हैं, सरकार के पास इस मेगा प्रोजेक्ट को गति देने का सुनहरा अवसर है। इस परियोजना से दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों के लाखों किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे आदिवासियों की आय के स्रोत केवल लघु वनोपज तक सीमित नहीं रहेंगे।

जंगल अर्थशास्त्र के नजरिए से देखें तो बोधघाट परियोजना से न केवल खेती, बल्कि मत्स्य पालन और जल पर्यटन (Water Tourism) के नए द्वार खुलेंगे। विशाल जलाशय बनने से बस्तर में पर्यटन का एक नया सर्किट तैयार हो सकता है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इससे पलायन की समस्या पर लगाम लगेगी और बस्तर की पहचान 'अशांत क्षेत्र' से बदलकर 'आर्थिक केंद्र' के रूप में स्थापित होगी। सरकार अब पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाकर आदिवासियों के हितों को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है।

हालांकि, चुनौती अभी भी विस्थापन और पर्यावरण संतुलन की है। परियोजना के समर्थकों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर पुनर्वास नीतियों के माध्यम से इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है। बोधघाट केवल एक बांध नहीं, बल्कि बस्तर के लिए समृद्धि का द्वार है, जो दशकों के पिछड़ेपन को धोने की क्षमता रखता है। यदि यह प्रोजेक्ट समय रहते पूरा होता है, तो बस्तर की इंद्रावती नदी यहाँ के जंगलों और गांवों के लिए वाकई 'जीवनदायिनी' साबित होगी।

You might also like!