CG CRIME : बिलासपुर। नेशनल हाईवे और पेट्रोल पंपों को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरजिला गिरोह पर आखिरकार बिलासपुर पुलिस ने शिकंजा कस ही लिया। पिछले कई दिनों से बिलासपुर और कोरबा जिले के सीमावर्ती इलाकों में दहशत फैलाने वाले तीन नकाबपोश लुटेरों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई नीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल, एक अवैध देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, धारदार चाकू और लूटी गई नकदी बरामद की है। गिरोह ने बिलासपुर के रतनपुर के अलावा कोरबा जिले के पाली और चैतमा क्षेत्रों में भी लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया था।
200 CCTV कैमरों से खुली लुटेरों की पोल
आरोपियों की पहचान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसके लिए पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थलों और आसपास के इलाकों में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर पुलिस ने वेद प्रकाश उर्फ नीलेश वैष्णव और उसके साथियों को बेलतरा क्षेत्र के पास घेराबंदी कर धर दबोचा।
तीन बड़ी लूट की वारदातों का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 11 जनवरी को रतनपुर के जाली स्थित बी.बी. पेट्रोल पंप पर कट्टे की नोक पर 15 हजार रुपये** लूटे, 16 जनवरी को चैतमा के एक पेट्रोल पंप में लूटपाट की और 9 जनवरी को पाली में एक प्रॉपर्टी डीलर को निशाना बनाया था।
जेल से निकलते ही बनाई हथियारबंद गैंग
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना वेद प्रकाश वैष्णव पहले भी दुपहिया वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद उसने अपने साथी अभिषेक प्रजापति और कपिल पटेल के साथ मिलकर हथियारबंद गिरोह बनाया और जल्दी पैसा कमाने के इरादे से लूट की घटनाएं शुरू कर दीं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने इसके अलावा और किन वारदातों को अंजाम दिया है।








