छत्तीसगढ़ में निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा पिछले चार महीनों से चलाई जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। आयोग ने शनिवार को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसमें बड़े पैमाने पर शुद्धिकरण किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची से करीब 25 लाख (24,99,823) मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। नाम हटाने का मुख्य कारण मतदाताओं की मृत्यु, निवास स्थान में परिवर्तन (शिफ्टेड) और दोहरी प्रविष्टि (डुप्लीकेट नाम) होना बताया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 थी। शुद्धिकरण के बाद अब प्रदेश में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या घटकर 1,87,30,914 रह गई है। हालांकि, नाम हटाने के साथ-साथ नए मतदाताओं को जोड़ने का काम भी प्रमुखता से किया गया, जिसमें दावा-आपत्ति प्रक्रिया के बाद 2,34,994 नए नाम सूची में जोड़े गए हैं। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश की राजधानी रायपुर में सर्वाधिक लगभग 5 लाख नाम विलोपित किए गए हैं, जबकि सबसे कम नाम खैरागढ़ जिले से हटाए गए हैं।
निर्वाचन आयोग के इस कदम पर छत्तीसगढ़ की सियासत भी गरमा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में जानबूझकर विशेष वर्गों के नाम काटे गए हैं। वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ 27,196 बीएलओ के घर-घर सर्वे और डिजिटल सत्यापन के बाद पूरी की गई है। अब मतदाता आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन भी कर सकते हैं।








