रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुए एक महत्वपूर्ण फैसले में, राज्य के मेडिकल, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी संस्थानों के लिए कुल 1009 नए पदों को तत्काल प्रभाव से मंज़ूरी दे दी गई है।
इस निर्णय से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के हज़ारों नए अवसर भी खुलेंगे।
???? सीएम साय ने बताया 'मील का पत्थर'
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस फ़ैसले की घोषणा करते हुए कहा कि, "राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, लेकिन आज प्रदेश भर में मेडिकल शिक्षा का एक व्यापक नेटवर्क स्थापित हो चुका है।"
उन्होंने ज़ोर दिया कि इन नई स्वीकृतियों से राज्य के हर ज़िले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सीएम ने कहा कि, चिकित्सा क्षेत्र में लगातार बढ़ती ज़रूरतों को देखते हुए इन पदों की मंज़ूरी अनिवार्य थी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर ज़िले में उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का सुदृढ़ ढांचा मौजूद हो।
???? किस-किस संस्थान में कितने पद स्वीकृत?
इस बड़ी मंज़ूरी में मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों और फिजियोथेरेपी कॉलेजों को कुल 1009 पद मिले हैं। विभिन्न संस्थानों के लिए स्वीकृत पद इस प्रकार हैं:
संस्थान का नाम स्वीकृत पदों की संख्या
मेडिकल कॉलेज रायगढ़ 39 पद
डीकेएस सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल, रायपुर 1 पद
मेडिकल कॉलेज बिलासपुर 20 पद
गवर्नमेंट फिजियोथेरेपी कॉलेज (जगदलपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़) 108 पद (प्रत्येक में 36)
नए फिजियोथेरेपी कॉलेज (मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर) 216 पद
नए मेडिकल कॉलेज (दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी–जशपुर) 180 पद (प्रत्येक में 60)
जांजगीर-चांपा व कबीरधाम में नया मेडिकल कॉलेज 120 पद (प्रत्येक में 60)
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, बिलासपुर 55 पद
मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर (रेडियोथेरपी विभाग) 7 पद
नर्सिंग महाविद्यालय (दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर) 210 पद
नया नर्सिंग महाविद्यालय (नवा रायपुर, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कुरूद-धमतरी) 168 पद
कुल स्वीकृत पद 1009 पद
???? स्वास्थ्य मंत्री ने जताया आभार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, "1009 पदों की स्वीकृति से राज्य की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार होगा।" उन्होंने कहा कि इन नए पदों से विशेषज्ञ डॉक्टरों, शिक्षकों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा सकेगा।
???? युवाओं के लिए 'गोल्डन चांस'
यह फैसला मेडिकल, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी क्षेत्र से जुड़े करियर की ओर बढ़ रहे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। विशेषज्ञों का मानना है कि, इतने बड़े पैमाने पर पदों की स्वीकृति से न केवल स्थानीय युवाओं को नौकरी मिलेगी, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ को बेहतर स्वास्थ्य ढांचे वाले राज्यों की श्रेणी में लाने में मील का पत्थर साबित होगी।








