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मानपुर मुठभेड़ पदोन्नति विवाद: CG हाईकोर्ट ने तीन आरक्षकों को राहत, एसपी को 150 दिन में फैसला करने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 में राजनांदगांव के मानपुर क्षेत्र में हुई नक्सल मुठभेड़ में शामिल तीन आरक्षकों की आउट ऑफ टर्न पदोन्नति से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ताओं के लंबित अभ्यावेदन पर नियमों के अनुरूप विचार कर 150 दिनों के भीतर कारणयुक्त निर्णय लें।

150 दिनों में लेना होगा फैसला
न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडे की एकल पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक याचिकाकर्ताओं के आवेदन पर प्रचलित कानून और लागू नियमों के अनुसार निर्णय लें। आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद 150 दिनों के भीतर विस्तृत और कारणयुक्त आदेश जारी करना होगा।
2020 की नक्सल मुठभेड़ से जुड़ा मामला
यह मामला वर्ष 2020 में राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र में हुई नक्सल मुठभेड़ से संबंधित है। मुठभेड़ में शामिल तीन आरक्षकों ने उत्कृष्ट सेवा के आधार पर आउट ऑफ टर्न पदोन्नति की मांग की थी। उनके अभ्यावेदन पर निर्णय लंबित होने के कारण उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट ने मेरिट पर नहीं दिया फैसला
अदालत ने पदोन्नति दिए जाने या नहीं दिए जाने पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। हाईकोर्ट ने केवल संबंधित प्राधिकारी को निर्देश दिया है कि वह नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय समयसीमा के भीतर याचिकाकर्ताओं के आवेदन पर उचित निर्णय ले।







