रायपुर, 11 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को मंत्रालय महानदी भवन में पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, पुनर्वास और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन नक्सल मामलों में गंभीर जनहानि नहीं हुई है, ऐसे मामलों की विधिसम्मत समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके लिए विधि विभाग के सहयोग से अभियोजन अधिकारियों और शासकीय वकीलों की विशेष टीम गठित की जाएगी, जो प्रकरणों की समीक्षा करेगी। साथ ही संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
नक्सल मुक्त गांवों के विकास के लिए मिलेगी विशेष राशि
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गांव पहले अति नक्सल प्रभावित रहे हैं और अब नक्सल मुक्त हो चुके हैं, वहां विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रत्येक ग्राम को 1 करोड़ रुपये की विकास राशि स्वीकृत की जाएगी। फिलहाल इस योजना के तहत 50 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं। इन विकास कार्यों से स्थानीय लोगों को रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
15 अगस्त को नक्सल मुक्त गांवों में निकलेगी तिरंगा यात्रा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त गांवों में तिरंगा फहराने के साथ तिरंगा यात्रा आयोजित की जाए। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
पीड़ित परिवारों को मिलेगा आवास और पुनर्वास का लाभ
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां शहीद जवानों और पीड़ितों की स्मृति में सामुदायिक स्मारकों का निर्माण भी किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों और मृत नागरिकों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पात्र परिवारों को शासन की निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी प्रकार की देरी न हो।
एक माह में प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर चुके युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि का एक माह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नक्सल पीड़ितों और पुनर्वासितों से जुड़ी सभी जानकारियों को डिजिटल डैशबोर्ड में दर्ज करने तथा माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए अंतर्राज्यीय समिति बनाकर समन्वित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में गृह विभाग, पुलिस विभाग और नक्सल प्रभावित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







