उत्तर भारत में तेज़ी से बढ़ रही ठंड अब छत्तीसगढ़ तक पहुँच चुकी है। पहाड़ी इलाकों से बहकर आ रहीं शुष्क और ठंडी हवाओं ने प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव ला दिया है। दिन में हल्की धूप और रात के वक्त सिहरन बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यानी आने वाले दिनों में प्रदेश में ठंड का असर और तेज होगा।
रायपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भले ही यह आंकड़ा अभी सामान्य से थोड़ा अधिक है, लेकिन हवा का रुख बदलते ही तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि, शुक्रवार और शनिवार को पूरे प्रदेश में आकाश साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान हल्की धूप मिलेगी, लेकिन शाम ढलते ही ठंड बढ़ने लगेगी।
रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुबह-सुबह हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है। शहर में भी लोग सुबह की सैर या जॉगिंग के समय गर्म कपड़े पहनते दिखने लगे हैं। हवा की नमी कम होने से खासकर खुले इलाकों में ठंड ज्यादा महसूस हो रही है।
अंबिकापुर में सबसे ज्यादा ठंडी रात:
सरगुजा संभाग में तापमान तेजी से नीचे जा रहा है। प्रदेश का सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने सर्दी का अहसास और गहरा कर दिया। वहीं रायपुर के माना एयरपोर्ट में तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो प्रदेश का सबसे अधिक तापमान रहा। इससे साफ है कि,मैदान और पहाड़ों दोनों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, उत्तर दिशा से आई ठंडी हवाएं अभी थमने वाली नहीं हैं। ऐसे में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखा जा सकता है। धूप भले ही हल्की गर्माहट दे रही है, लेकिन रातें पिछले दिनों के मुकाबले ज्यादा ठंडी होंगी।








