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CGPSC 2026 Analysis: 'तितरी-लेरकी' और 'रायपुर षड्यंत्र केस' ने छुड़ाए पसीने; आर्थिक आंकड़ों में भी उलझे अभ्यर्थी

Chhattisgarh RRT News Desk 22 February 2026

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रायपुर: आज आयोजित हुई CGPSC 2026 की प्रारंभिक परीक्षा में छत्तीसगढ़ से जुड़े सवालों का स्तर काफी उच्च और विश्लेषणात्मक रहा। अभ्यर्थियों के अनुसार, इस बार पेपर केवल रटने वालों के लिए नहीं बल्कि विषयों की सूक्ष्म समझ रखने वालों के लिए था। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़ा शब्द 'तितरी-लेरकी' और इतिहास का चर्चित 'रायपुर षड्यंत्र केस' चर्चा का विषय बने रहे।

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इन सवालों ने बढ़ाई मुश्किल:

'तितरी-लेरकी' का रहस्य: छत्तीसगढ़ी शब्दावली और आभूषणों/लोक-जीवन से संबंधित इस प्रश्न के विकल्पों ने अभ्यर्थियों को काफी भ्रमित किया। विशेषज्ञों के अनुसार, आयोग अब छत्तीसगढ़ी संस्कृति के सुदूर और अप्रचलित शब्दों को मुख्यधारा के प्रश्नों में शामिल कर रहा है।

रायपुर षड्यंत्र केस (1942): इतिहास के इस हिस्से से 'परसराम सोनी' और उनके साथियों के सटीक घटनाक्रम और गुप्त गतिविधियों पर आधारित प्रश्न पूछे गए थे। क्रांतिकारी आंदोलनों की तारीखों और कूट (Match the following) आधारित सवालों ने हल करने में काफी समय लिया।

आर्थिक सर्वेक्षण और बजट: राज्य के आर्थिक आंकड़ों (GSDP, प्रति व्यक्ति आय और कृषि डेटा) में दशमलव तक की सटीकता पूछी गई, जिससे तुक्का मारना नामुमकिन हो गया।

विशेषज्ञों का विश्लेषण और कट-ऑफ का अनुमान

परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि GS (General Studies) का पेपर 'मॉडरेट से टफ' रहा। पेपर में छत्तीसगढ़ के हिस्से का वेटेज 40-45% रहा, जिसमें जनजातीय संस्कृति और स्थानीय प्रशासन के प्रश्नों की बहुलता थी।

"जिस तरह के गहराई वाले प्रश्न 'तितरी-लेरकी' जैसे शब्दों से पूछे गए हैं, उससे स्पष्ट है कि उम्मीदवारों को अब केवल सामान्य गाइड के भरोसे नहीं, बल्कि मानक पुस्तकों का अध्ययन करना होगा।"

संभावित कट-ऑफ: पेपर की जटिलता को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार सामान्य श्रेणी का कट-ऑफ पिछले साल की तुलना में 5-7 अंकों तक नीचे जा सकता है।

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