बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सर्पदंश से फर्जी मौत दिखाकर सरकारी मुआवजा हड़पने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एसडीएम समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, जिले में अब तक सर्पदंश से मौत के 15 फर्जी मामलों का खुलासा हुआ है। इन मामलों में कथित रूप से फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार कर सरकारी सहायता राशि प्राप्त की गई।
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि जांच के दौरान एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी, लेकिन बाद में उसकी मौत को सर्पदंश बताकर मुआवजा लेने का प्रयास किया गया। जांच में दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
इससे पहले तोरवा थाना पुलिस भी इस मामले में एक डॉक्टर, एक वकील समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी मुआवजा हासिल करने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।







