छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्सों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप जारी है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण रायपुर, बिलासपुर, और दुर्ग सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी को देखते हुए विभिन्न जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूलों की छुट्टियों और समय सारिणी में बड़े बदलाव किए हैं। बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में घने कोहरे के कारण प्राथमिक स्तर तक के स्कूलों में तत्काल प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया गया है।
दुर्ग और बिलासपुर कलेक्टरों ने बढ़ती ठंड को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का आदेश जारी किया है, जो 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। नई व्यवस्था के तहत, दो पालियों में चलने वाले स्कूल सुबह 9:00 बजे से और एक पाली वाले स्कूल सुबह 10:00 बजे से संचालित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को सुबह की भीषण ठंड और गलन से बचाना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
राजधानी रायपुर में भी शीतलहर का असर साफ देखा जा रहा है। हालांकि अभी पूरे जिले में सामूहिक छुट्टी का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सुबह लगने वाली कक्षाओं के समय में 1 घंटे की देरी की गई है। मैनपाट और पेंड्रा जैसे पहाड़ी इलाकों में पारा 5 डिग्री के नीचे पहुंचने की खबर है, जिसके चलते वहां स्थानीय स्तर पर स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़ों के साथ ही स्कूल भेजें।
प्रदेश के शिक्षा सचिव ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को अधिकार दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र की स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर छुट्टियों का निर्णय ले सकते हैं। वर्तमान में 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं (Practical Exams) प्रभावित न हों, इसके लिए सीनियर कक्षाओं को रियायत दी गई है, लेकिन उनके समय में भी बदलाव किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले 4-5 दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे छुट्टियों की अवधि और बढ़ाई जा सकती है।








