छत्तीसगढ़ में होली के महापर्व को लेकर बाजार में भारी उत्साह है, लेकिन इस बार सबसे अधिक चर्चा शराब की रिकॉर्ड बिक्री की हो रही है। आबकारी विभाग के अनुमानों के मुताबिक, इस वर्ष होली के दौरान प्रदेशभर में 500 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकने की संभावना है। इसमें से अकेले राजधानी रायपुर में शराब प्रेमियों द्वारा लगभग 65 करोड़ रुपये की शराब गटकने का अनुमान लगाया गया है। विभाग ने भारी मांग को देखते हुए सभी सरकारी दुकानों में लोकप्रिय ब्रांड्स का बंपर स्टॉक पहले ही उपलब्ध करा दिया है।
बिक्री में इस उछाल का एक बड़ा कारण होली से पहले की गई खरीदारी है। हालांकि सरकार ने नई आबकारी नीति में पहले होली को 'ड्राई डे' की सूची से हटा दिया था, लेकिन बाद में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले को बदल दिया। इस कारण आज 4 मार्च (बुधवार) को पूरे प्रदेश में 'शुष्क दिवस' (Dry Day) घोषित है, जिसके चलते लोगों ने एक दिन पहले ही भारी मात्रा में स्टॉक जमा कर लिया। 3 मार्च की शाम तक शराब दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं थी और कई दुकानों पर घंटों लंबी कतारें देखी गईं।
आबकारी विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार विदेशी और प्रीमियम ब्रांड्स की मांग में 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आए, इसके लिए शराब परिवहन के लिए अतिरिक्त वाहनों को तैनात किया गया था। रायपुर के अलावा दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी शराब की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। विभाग का कहना है कि होली के बाद जब फाइनल आंकड़े आएंगे, तो यह 500 करोड़ का आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है।
दूसरी ओर, शुष्क दिवस के दौरान अवैध शराब की बिक्री (कोचियागिरी) को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आबकारी विभाग की विशेष टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने वालों और अवैध रूप से शराब स्टोर करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टरों ने स्पष्ट किया है कि 4 मार्च को सभी बार, क्लब और फुटकर दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी, ताकि त्यौहार का आनंद शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके।








