छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट की एक सनसनीखेज वारदात को महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर घेराबंदी कर इस मामले में शामिल 3 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके के व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है।
घटना के अनुसार, पीड़ित जब देर शाम अपने काम से घर लौट रहा था, तभी सुनसान रास्ते पर बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने डरा-धमककर पीड़ित से उसका कीमती सामान और नकदी छीन ली और मौके से फरार हो गए। वारदात के तुरंत बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे संदिग्धों का सुराग मिला।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी शहर छोड़ने की फिराक में थे। साइबर सेल की मदद से आरोपियों के लोकेशन को ट्रैक किया गया और एक ठिकाने पर दबिश देकर उन्हें धर दबोचा गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से कुछ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी शहर में हुई अन्य चोरी और लूट की घटनाओं में भी शामिल थे।
पुलिस प्रशासन ने इस सफल ऑपरेशन में शामिल टीम के लिए इनाम की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों में खौफ पैदा करने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना जगाने के लिए ऐसी त्वरित कार्रवाई जरूरी है। फिलहाल, तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सके। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुनसान रास्तों पर सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।








