Raipur: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के भीतर ही भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक गोपनीय पत्र लिखा है। खास बात यह है कि यह विभाग प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
ननकीराम कंवर ने अपने पत्र में विभाग के भीतर चल रहे 'कमीशन खेल' और घटिया निर्माण कार्यों की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने शिकायत की है कि निर्माण कार्यों के आवंटन और गुणवत्ता में पारदर्शिता का अभाव है। सूत्रों के अनुसार, पत्र में कुछ विशिष्ट प्रोजेक्ट्स और अधिकारियों का भी जिक्र किया गया है, जो कथित तौर पर इन अनियमितताओं में शामिल हैं। ननकीराम का अपनी ही सरकार के खिलाफ यह कदम विपक्ष को हमलावर होने का बड़ा मौका दे रहा है।
गौरतलब है कि ननकीराम कंवर छत्तीसगढ़ भाजपा के उन कद्दावर नेताओं में शुमार हैं, जो अपनी बेबाक बयानबाजी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते इन गड़बड़ियों को नहीं सुधारा गया, तो इससे सरकार की छवि को अपूरणीय क्षति पहुँच सकती है। इधर, उपमुख्यमंत्री अरुण साव के समर्थकों का कहना है कि विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है और आरोपों की सच्चाई की जांच की जाएगी।
इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि जब सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेता ही भ्रष्टाचार की दुहाई दे रहे हैं, तो आम जनता का हाल समझा जा सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) इस शिकायत पर क्या संज्ञान लेता है और राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस स्थिति से कैसे निपटते हैं।







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