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छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही: केंद्र से मिले करोड़ों रुपए लैप्स होने की कगार पर, फंड के बावजूद स्कूलों का निर्माण ठप

Chhattisgarh RRT News Desk 09 March 2026

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छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा विभाग से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहाँ केंद्र सरकार द्वारा स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भेजा गया करोड़ों रुपया वापस जाने की स्थिति में है। जानकारी के अनुसार, केंद्र से विभिन्न योजनाओं के तहत भारी-भरकम बजट जारी किया गया था, लेकिन समय पर कार्ययोजना न बनने और प्रशासनिक सुस्ती के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। यदि मार्च के अंत तक इस राशि का उपयोग नहीं किया गया, तो यह फंड लैप्स हो जाएगा, जिसका सीधा असर प्रदेश के हजारों स्कूली बच्चों की सुविधाओं पर पड़ेगा।

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विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस फंड का उपयोग नए कमरों के निर्माण, जर्जर भवनों की मरम्मत और स्कूलों में पेयजल व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाना था। कई जिलों में निविदा प्रक्रिया (Tendering Process) में देरी और फाइलों के अटके रहने के कारण निर्माण कार्य धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग में बजट का उपयोग न कर पाना सरकार की विफलता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल, जो लंबे समय से मरम्मत की राह देख रहे थे, अब इस फंड के वापस जाने के खतरे से और अधिक प्रभावित होंगे।

इस संकट को देखते हुए शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने अब आनन-फानन में समीक्षा बैठकें शुरू कर दी हैं। संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट तुरंत सौंपें और लंबित प्रक्रियाओं को युद्ध स्तर पर पूरा करें। हालांकि, तकनीकी जानकारों का कहना है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति में बेहद कम समय बचा है, ऐसे में इतनी बड़ी राशि का सदुपयोग करना एक बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस फंड को डूबने से बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

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