Breaking

शिक्षकों का आर-पार का ऐलान: छत्तीसगढ़ में 4 साल से खाली हैं प्रधान पाठक के पद, मार्च तक पदोन्नति नहीं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

Chhattisgarh RRT News Desk 17 March 2026

post

छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में पिछले चार वर्षों से प्रधान अध्यापकों (Headmasters) के हजारों पद खाली पड़े हैं, जिससे न केवल स्कूलों का प्रबंधन प्रभावित हो रहा है, बल्कि शिक्षकों में भी भारी रोष व्याप्त है। पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन और प्रशासन ने मार्च के अंत तक पदोन्नति सूची जारी नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

Advertisement

शिक्षकों का आरोप है कि पदोन्नति की प्रक्रिया लंबे समय से कागजों और फाइलों में दबी हुई है। योग्यता और अनुभव रखने के बावजूद शिक्षकों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी वरिष्ठता और वेतनमान पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। स्कूलों में प्रधान पाठकों के अभाव के कारण प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

शिक्षक संगठनों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम ने विभाग में हलचल तेज कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि वे बार-बार ज्ञापन सौंपकर थक चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। अब उन्होंने "मार्च डेडलाइन" तय कर दी है। यदि इस अवधि के भीतर आदेश जारी नहीं होते हैं, तो वे शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

दूसरी ओर, विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि कुछ तकनीकी और कानूनी पेचदगियों के कारण प्रक्रिया में विलंब हुआ है। हालांकि, शिक्षकों की इस दो-टूक चेतावनी के बाद अब शासन स्तर पर इस फाइल को जल्द निपटाने का दबाव बढ़ गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार मार्च खत्म होने से पहले सूची जारी कर इस संभावित आंदोलन को टाल पाती है या प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था एक नए व्यवधान का सामना करेगी।

You might also like!