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Chhattisgarh Circular Economy News: WCEF 2026 में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी, कचरे को संसाधन में बदलने पर मंथन

Chhattisgarh 16 September 2026

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रायपुर, 15 सितंबर 2026। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF 2026) में छत्तीसगढ़ ने सक्रिय सहभागिता की। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के नेतृत्व में राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने सर्कुलर इकोनॉमी, संसाधन दक्षता और कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने वाली आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। फोरम का आयोजन 15 से 18 सितंबर तक किया जा रहा है। 

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टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर

राज्य के प्रतिनिधिमंडल में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के CEO सुमीत अग्रवाल भी शामिल हैं। सोनमणि बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य का फोकस आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से कचरे का बेहतर प्रबंधन करते हुए उसे उपयोगी संसाधन में बदलने पर है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ, मजबूत और टिकाऊ शहरों के विकास को गति देने की दिशा में मदद मिल सकती है।

दुनिया भर के विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान

WCEF 2026 में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, शोधकर्ताओं, नवाचार से जुड़े संस्थानों और विशेषज्ञों की भागीदारी हो रही है। फोरम का मुख्य विषय “Circular Economy: Transition for People and Prosperity” है। इसमें संसाधन दक्षता, टिकाऊ उत्पादन एवं उपभोग, वेस्ट-टू-रिसोर्स और सर्कुलर बिजनेस मॉडल जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है। 

फोरम के मुख्य आयोजन में सर्कुलर अर्थव्यवस्था से जुड़े व्यावहारिक समाधानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शक अपनी तकनीकों और नवाचारों को प्रस्तुत कर रहे हैं। 

प्रदर्शनी में रिसाइक्लिंग और संसाधन रिकवरी की तकनीकें देखीं

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनी क्षेत्र का अवलोकन कर रिसाइक्लिंग, संसाधन रिकवरी, टिकाऊ सामग्री और कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से जुड़ी तकनीकों की जानकारी ली। टीम ने विभिन्न सर्कुलर बिजनेस मॉडल और कचरे को बोझ के बजाय संसाधन में बदलने की संभावनाओं को भी समझा।

छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए उपयोगी मॉडल तलाशे

फोरम में सहभागिता से राज्य को देश और दुनिया में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से ऐसे समाधानों पर ध्यान दिया, जिन्हें छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधन दक्षता और वेस्ट-टू-वैल्यू के क्षेत्र में उपयोग किया जा सकता है।

WCEF 2026 में 62 देशों से 3,600 से अधिक हितधारकों और 135 प्रदर्शकों की भागीदारी दर्ज की गई है, जिससे यह सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

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