रायपुर। छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में वर्ल्ड कप 2025 में टीम की जीत में अहम योगदान देकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उत्कृष्ट उपलब्धि के सम्मान में, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में उन्हें आमंत्रित कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली खेल पेशेवर आकांक्षा सत्यवंशी को ₹10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करेगी।
"यह पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है"
मुख्यमंत्री साय ने आकांक्षा की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "आकांक्षा की सफलता सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। यह गर्व की बात है कि वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा हमारे प्रदेश की बेटी रही।" उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और खेल पेशेवरों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
आकांक्षा ने साझा की अपनी यात्रा
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान, दुर्ग में जन्मीं और रायपुर में पली-बढ़ीं आकांक्षा सत्यवंशी ने भावुक होते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों है। यहीं की मिट्टी और शिक्षा ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी।" उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप अभियान के दौरान उनका काम खिलाड़ियों की फिटनेस, मानसिक मजबूती और रिकवरी पर केंद्रित था।
"मैं मैदान में खिलाड़ी नहीं थी, लेकिन हर मैच में टीम के साथ चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे जीवन का सबसे गर्वपूर्ण क्षण था।"
— आकांक्षा सत्यवंशी
फिटनेस और अनुशासन पर चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और आकांक्षा के बीच योग, फिटनेस और अनुशासन जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। आकांक्षा ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश से प्रेरणा मिलती है कि "खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि "हम सभी प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं। योग, संतुलित आहार और अनुशासित दिनचर्या ही फिट और ऊर्जावान रहने का मूल मंत्र है।"
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
कवर्धा की मूल निवासी आकांक्षा ने 2019 में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी और केवल छह वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2022 में वह भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान का भी हिस्सा थीं।
आकांक्षा ने नई पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा, "अगर लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता निश्चित है। आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है।"
मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि को छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया।








